तेरे चेहरे की सादगी में वो नूर है, जैसे तपती दोपहर में ठंडी छाँव का अहसास। यह महज़ हाड़-मांस का कोई ढांचा नहीं, बल्कि मेरे लिए कायनात का वो खूबसूरत पन्ना है जिसे मैं उम्र भर पढ़ना चाहता हूँ।
1. चेहरे की किताब: मेरे प्यार की नज़्% 9 | 4 | 4 | 5 | | 29-04-2026 |
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