गए क्यों?

वादे किए थे तो तोड़ गए क्यों? बिना कहे मेरी खामोशी पढ़ लेते हो, अब फिर दर्द दे गए क्यों. अगर तुम्हें जिंदगी नहीं बितानी थी साथ में, तो आए ही क्यों? और अगर झूठा था वो एहसास तो तुम वो एहसास दे गए क्यों?

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कविता

: Singh
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