तुम होती तो...

रास्ते वही हैं, बस हमसफ़र बदल गए, मंजिल वही है, बस ख्वाब फिसल गए। अगर तुम होती तो ये दुनिया कुछ और होती, वरना हम तो कब के खुद में ही ढल गए।

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कविता

लेखक : (ध्रुव तारा )Dr Sanjay Rathod
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