मेरे ख्यालों की दुनिया

एक ऑल-राउंडर कलाकार की कलम से निकली यह किताब, आपको शाम के धुंधलके में, चाय की चुस्की के साथ एकांत के सबसे करीब ले जाएगी। यहाँ, आप न सिर्फ़ प्रेम की रागनी की मिठास और टूटे हुए दिल का साया महसूस करेंगे, बल्कि दीये की लौ की तरह जीवन के मर्म को भी समझेंगे। (छवि के प्रतीकों का संदर्भ) शांति के कबूतर की तरह स्वतंत्रता के पंख और ज्ञान की लौ से लेकर, कल्पना के चांद-तारों और खामोशी की गूँज तक, इस किताब में सब कुछ है।

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कविता

: Kumar
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