आरव एक दिन अपने फोन में “21 Days Challenge” नाम का अजीब लिंक एक्सेप्ट कर लेता है। इसके बाद उसके फोन में एक अनजान ऐप खुद इंस्टॉल हो जाता है और मैसेज आता है “अब तुम खेल में हो”। पहले दिन से ही अजीब घटनाएँ शुरू हो जाती हैं रात में परछाई हिलना, आईने में अलग चेहरा दिखना और कमरे में किसी की मौजूदगी महसूस होना। जैसे-जैसे दिन बढ़ते हैं, फोन अपने आप मैसेज भेजता है, दरवाज़े खुद खुलते-बंद होते हैं और उसे एक आवाज़ बार-बार सुनाई देती है “तुम पीछे नहीं हट सकते”। Day 15 के बाद उसे पता चलता है कि यह कोई गेम नहीं बल्कि एक भूतिया लूप सिस्टम है, जिसमें हर 21 दिन बाद नया इंसान फंसाया जाता है और पुराना खिलाड़ी गायब हो जाता है। Day 21 पर वह दूसरी दुनिया में खींच लिया जाता है, जहाँ असली सच मिलता है — यह गेम एक अदृश्य शक्ति (Master Entity) चलाती है जो लोगों को फंसा कर खुद को जिंदा रखती है। अंत में आरव को बताया जाता है कि इसे खत्म करने का एक ही तरीका है खुद को मिटाना। वो गायब हो जाता है… लेकिन आखिरी स्क्रीन पर लिखा आता है: “PLAYER DELETED… BUT GAME STILL ACTIVE” Written by sunita gupta
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