यह कविता उन लोगों की कहानी है जो खुद टूटकर भी दूसरों को हँसाते हैं। जो अपने ज़ख़्म चुपचाप सह लेते हैं और मरहम दूसरों को बाँटते फिरते हैं। दर्द छुपाया नहीं गया, बस समझने वाला कोई नहीं मिला। यह उन खामोश दिलों की आवाज़ है जो सबको गले लगाते हैं पर खुद के लिए कोई बाँहें नहीं पाते।
© Copyright 2023 All Rights Reserved