इतना आसान तो नही है

सुनो 2025, तुमने बहुत कुछ दिखाया, सिखाया और छीना भी दिखाया यह की कोई "अपना" नही होता बस हम अपना मान लेते है चाहें वो घर के हो या बाहरी। छीना एक सुहागन से उनके सिंदूर के रंग, बच्चों के सर से उनके पिता का साया। इतना ही नही......तुमने सिखाया भी है खुद के पास रहना खुद से प्यार करना। कोई अकेले पड़ जाना असल में अकेलापन नही होता। जिंदगी में जो हम यह मोह माया के पीछे भागते है न, ले जाना तो कुछ भी नही है.... और सबसे अच्छा क्या सिखाया पता है???? जो सही मायने में अपना है न, उनसे प्रेम करना,  जो हमसे बिन स्वार्थ प्रेम करते है उनसे जुड़ना सिखा दिया.... इतना सब कुछ कर दिया तो तुम्हें अलविदा करना आसान नही है न 2025.......🫶🫶

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कविता

लेखक : Anu
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