भूखी छाया

एक वीरान गाँव, एक बंद कुआँ और एक भूखी परछाईं—जो रात में नाम लेकर बुलाती है। जिसने पलटकर देखा, उसकी कहानी वहीं खत्म नहीं होती… वहीं से शुरू होती है।

14 Views
Time : 8 Min

All Right Reserved
दैनिक प्रतियोगिता

: विजय सांगा
img