ये कहानी है आवृति वर्मा और अक्षांश सिंह ओबेरॉय की। आवृत्ति वर्मा एक सीधी सादी मासूम दिल की लड़की है जो मुंबई में उसके भाई भाभी और मां के साथ रहती थी। तीन साल पहले तक उसकी जिंदगी में सब ठीक था, तीन साल पहले उसके भाई की शादी हुई और उसकी भाभी ने आते ही घर की सारी बागडोर अपने हाथ में ले ली और आवृत्ति और उसकी मां को रहने के लिए दे दिया एक छोटा सा कमरा। दूसरी तरफ है अक्षांश सिंह ओबेरॉय, ओबेरॉय group of companies का मालिक। महज 25 साल की उम्र में ही उसने बिजनेस में एक अलग मुकाम हासिल कर लिया। अक्षांश की पर्सनालिटी है कि वह कभी एक रिलेशन में सीरियस नहीं हो सकता वही उसके फादर अभिराज सिंह चाहते हैं कि उनका बेटा अब शादी कर सेटल हो जाए। लेकिन एक दिन किस्मत कनेक्शन कुछ ऐसा बनता है कि आवृत्ति, अक्षांश के लिए उसकी पूरी दुनिया बन जाती है। अब इस बेमेल जोड़े का क्या होगा? क्या अक्षांश आवृत्ति से सच्चा प्यार करेगा? यह हम पढ़ेंगे कहानी सिमरु में... तेरा नाम #कल्पना मंथन प्रतियोगिता 2
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