जब भी तेरी याद आती है मैं रो देती हूं, तेरी यादों में बैचेन होकर हर अंधेरी रात मैं खुद को खो देती हूं। सुनना है अगर मेरी दर्द को वो कहानी , मिलों मेरे उपधानम् ( संस्कृत शब्द) से बता देगा वो पूरा मुंह जुबानी।
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