आसमान भी शायद कुछ कहना चाहता, आँसू बनकर वो बहना चाहता। बे-मौसम सही, पर दिल छू जाता, हर बूंद में कोई अफ़साना बरस जाता। 🌧️
1. बिन मौसम बरसात 8 | 6 | 7 | 5 | | 30-10-2025 |
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