जिसकी मुस्कान में लिपटी है तन्हाई की लहर। दुनिया जिसे तमाशा समझती रही हर घड़ी, दरअसल, वो तो खुद ही अपनी टूटी रूह का कलाकार ठहरा।
1. जोकर 37 | 16 | 17 | 5 | | 14-10-2025 |
© Copyright 2023 All Rights Reserved