वो चाहत कैसी

वो चाहत अधूरी थी , जो लफ्जों से बयां ना हुई , वो बातें अधूरी थी , जो आंखों से ना हुई , वो ख्वाहिश अधूरी थी, जिसमें तेरा साथ ना हो , वो दुआ अधूरी थी ,

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कविता

लेखक : Mahima
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