पापा की छाया

✨ पापा की छाया ✨ पापा की छाया ठंडी हवा सी, हर दुख में सुकून दिला सी। थामे रहते हैं वो चुपचाप, दिल में रखते प्यार बेहिसाब। उनकी डांट में भी दुलार छुपा, हर शब्द में कोई संस्कार छुपा। कंधों पर बैठा बचपन हँसता, उनकी उंगली पकड़ जीवन बढ़ता। सपनों की राह दिखाते हैं, गिरने पर हाथ बढ़ाते हैं। खुद जलते हैं दीपक बनकर, हमको रौशन करते तन-मन कर। चेहरे पर चिंता ना दिखती है, पर दिल में हमारी परवाह लिखती है। पापा वो दीवार हैं मज़बूत, हर तूफ़ान में देते सुकून का साथ। जीवन की हर ठोकर में सहारा, पापा का प्रेम है सबसे प्यारा। उनकी छाया में जो भी रहे, दुनिया की धूप उसे क्या कहे। श्वेता अग्रवाल ✍️✍️

23 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved
दैनिक प्रतियोगिता

: ♥️𝄟≛⃝Sweta Agrawal🌹❤️ 🕊
img