पापा वो साया हैं, जो हर धूप में ठंडक बन जाते हैं। उनके बिना शब्दों का भी सहारा, जीवन को अर्थ दे जाता है।
1. पापा की छाया 19 | 14 | 18 | 5 | | 07-10-2025 |
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