बच्चों की मुस्कान है जैसे, सुनहरी सुबह का उजियारा, दिल के आँगन में खिलता, खुशियों का प्यारा सितारा। उनकी हँसी में बसती है, सच की मीठी झंकार, जैसे झरनों की कल-कल, जैसे कोयल की पुकार। नन्हें होंठों की खिलखिलाहट, थकान मिटा दे पल भर में, जैसे बरसात की पहली बूंद, सुखा दे मन के रेगिस्तान में। बच्चों की मुस्कान ही तो है, घर का सबसे अनमोल धन, इससे महक उठता है जीवन, जैसे फूलों से महकता गगन। हे प्रभु! ये मासूम मुस्कानें, सदा सलामत रह जाएँ, कभी न छीन पाए दुनिया, इनसे उनके सपनों की छाँव।
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