कलम की ताक़त से बदलते हैं दौर, वोट की स्याही से खुलते हैं छोर। न कोई बड़ा, न कोई छोटा यहाँ, समान अधिकार है हर एक को जहाँ।
1. लोकतंत्र की ताकत 24 | 18 | 23 | 5 | | 23-09-2025 |
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