टूटे दिल की आवाज़ (स्वैच्छिक)

आँखों में थे जो सपनों के मेले, बन बैठे अब दर्द के अकेले। हँसी की जगह है सन्नाटा गहरा, दिल टूटा तो सब कुछ है सुनहरा।

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: rani
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