न स्वार्थ, न अभिमान, बस समर्पण, क्षणभंगुर जीवन का सत्य दर्शन। हर बूंद हमें यही समझाती, क्षण को जी लो, समय है न्यारी।
1. ओस की बूंद 30 | 16 | 22 | 5 | | 20-09-2025 |
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