उन्होंने सहा दुखों का भार, तभी तो संवर पाया यह संसार। उनकी सेवा करना है धर्म, यही है जीवन का सबसे बड़ा कर्म।
1. बुज़ुर्गों का सम्मान 24 | 17 | 21 | 5 | | 18-09-2025 |
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