Wrong number wala pyaar यह कहानी है मुंबई शहर के मशहूर बिजनेसमैन अथर्व अडानी की, एक महीना पहले ही अथर्व अडानी की शादी टूट गया था क्योंकि वह जिस लड़की से प्यार करता था उसने उसे धोका दे कर भाग गई..! क़रीब 20 दिन से अथर्व अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया था उसकी हालत घर वालों को देखा नहीं जा रहा था, पर वे लोग क्या करे वह भी तो मजबूर थे | दिन ऐसे ही गुज़रते जा रहा था एक दिन अथर्व सुबह के 9:00 बजे तक सोया था तभी उसका मोबाइल बजा तो उसने देखा उसने देखा unknown नंबर से कॉल आ रहा है तो उसने कॉल रिसिव नहीं क्या..! तो दूसरी बार भी उसी नंबर से कॉल आया इस बार अथर्व ने कॉल रिसीव कर लिया और जैसे उसने हेलो कहा कि कॉल की दूसरी ओर से एक मधुर आवाज आई _" हेलो सर आपने दुकान का उधारी पैसा अभी तक नहीं दिया..! " ये सुन अथर्व बोला _" शायद तुमने गलत नंबर लगया है, मैंने किसी का उधारी नहीं लिया आज तक..! " तो वापस उस लड़की का आवाज आया _" आपने हमारी दुकान से, आप 1000 की उधारी लेकर गये हैं, और मैंने आपको व्हाट्सएप पर गूगल पे स्कॅनर भेज दी हू, आप उसी पर भेज दीजिए..! " इतना बोल उस लड़की ने कॉल काट दी , तो वही अथर्व उसका नंबर और डिटेल्स चेक करने लगा उसने तुरंत उसे ₹1000 भेज दिया और उसने गार्ड से इस नंबर का पूरा इन्फॉर्मेशन निकालने के लिए कहा..! एक घंटे मे पूरा उसका इन्फॉर्मेशन उसे मिल गया और जैसे उसने उसका फोटो देखा तो देखता ही रह गया क्यूंकि उसने इतना खूबसूरत लड़की नहीं दिखा था | अथर्व ने अपनी गार्ड को और भी इन्फॉर्मेशन निकालने के लिए कहा दूसरे दिन उसे सारा इनफॉरमेशन मिल गया लड़की का नाम शगुन मुखर्जी है और वह लास्ट ईयर एग्जाम्स दे रही है और इनका किराने का शॉप जो इस वक्त कोलकाता के दमदम सिटी में उनकी पूरी फैमिली रहती है कुछ ही महीना में उसका फाइनल एग्जाम्स है..! यह सुन अथर्व मुस्कुराया और बोला_" कुछ महीने तो हम भी इंतजार कर ही सकते हैं..! " 4 महीने बाद आज शगुन का फाइनल एग्जाम्स था और एग्जाम्स खत्म होने के बाद वह अपनी फ्रेंड के साथ मूवी देखने गई और जैसे मूवी खत्म हुआ कि उसी के साथ शगुन भी गायब हो गई..! उसकी फ्रेंड उसे ढूंढ रही थी, क़रीब 1 घंटे तक वे लोग ढूंढती रही पर शगुन नहीं मिली जिसके चलते उन्होंने पुलिस कंप्लेंट किया और शगुन की फैमिली वालों को भी इन्फॉर्म किया तो शगुन नहीं मिल रही..! शगुन को जब होश आया तो उसने अपने आंखों के सामने अथर्व को देखी तो डर के माले वह हाथ जोड़कर माफी मांगने लगी | उसने कुछ नहीं किया फिर भी उसको यहां कैद करके रखा है..! अथर्व उसके पास बैठ बोला-" तुम्हारी कोई गलती नहीं है और तुम इस तरह माफ़ी मत मांगो, तुम फोटो में जितनी खूबसूरत दिख रही थी हकीकत में तुम उससे भी ज्यादा खूबसूरत हो.. शगुन पूछने लगी आखिर आप हैं कौन..? अथर्व अपना परिचय देते हुए कहा -" तुमने एक बार मुझे गलती से कॉल किया था वही wrong number वाला हूं..!" शगुन वहां से भागने की लाख कोशिश कर रही थी पर बेचारी भाग नहीं पाई, अथर्व उसके साथ रोज अच्छे से पेश आता था, पर शगुन वहां से भागने की रोज प्लान करती थी पर भाग नहीं पाती | एक साल बाद एक साल का दिन बीत गया शगुन कोलकाता से गायब हुए अब वह मुंबई में अथर्व के साथ रह रही है, वह आज भी यहा से भागने का प्लान बना रही पर बेचारी भाग नहीं सकती | अथर्व और उसे पर भरोसा करने लगा था क्योंकि शगुन अब थक चुकी थी यहां से भगाने का प्लान बना बनाकर क्योंकि उसका एक भी प्लान कामयाब नहीं कभी हुआ..! आज शगुन की तबीयत खराब हो गया था और वह अपने पेरेंट्स से मिलने के लिए तड़प रही थी यह देख अथर्व को बहुत बुरा लगा और उसने सोचा कि क्यों न इसे अब उसके फैमिली से मिलवा दे जिसके चलते अथर्व शगुन को अपने साथ उसके शहर कोलकाता दमदम सिटी लेकर गया | जब शगुन अपनी फॅमिली को अपने नज़रों से सामने देखी तो वह फफक - फफक कर रोने लगी, मुखर्जी फॅमिली ने जब अपनी बेटी को जिंदा सही सलामत देखा तो वह यकीन नहीं कर पा रही थे कि उनकी शगुन जिंदा है..! अथर्व उसे अपने परिवार वालों के साथ लगभग 15 दिन रहने दिया, इन 15 दिनों में शगुन में सोच ली कि वह जब अथर्व के पास जाएगी तो जरूर अपना बदला लेगी और उसने इस बार कुछ अलग ही सोच रखी थी | जब अथर्व उसे लेने आया तो शगुन उसके गले लग गई और उसके बैक साइड से उसने पिस्तौल निकाल अथर्व के सीने में दो गोलियां उतार दी, यह नजारा शगुन के फैमिली वालों ने भी देख लिया और सब के सब दंग हो गए कि शगुन ने ऐसा क्यों की..? अथर्व जैसे जमीन पर गिरा की मुखर्जी परिवार वालों ने अथर्व को जल्दी से उठाया और जल्दी से गाड़ी में बैठा उसे हॉस्पिटल लेकर गए पर शगुन अभी भी हाथ में पिस्तौल लेकर वहीं खड़ी थी पता नहीं क्यों दर्द और तकलीफ दोनों हो रहा था | करीब 5 घंटे के बाद इस लंबा ऑपरेशन अथर्व का चलता रहा फिर भी उसे होश नहीं आया और शगुन के फैमिली वालों ने शगुन ताने देने वालों की उसने जो कुछ किया बिल्कुल भी ठीक नहीं किया, क्योंकि यह वही इंसान है जो 1 सालों से उनके परिवार वालों की मदद कर रहा है पर उसने कभी यह नहीं बताया कि उनकी बेटी उसके कब्जे में है वह चुपचाप उनकी मदद करते आ रहा..! अथर्व जिंदगी और मौत के बीच में लड़ रहा था और तब जाकर शगुन को उसके अच्छाइयों के बारे में पता चल अब बेचारी पछताने की सिवाय कुछ नहीं रहा..! 2 दिन बीत गया पर अथर्व को होश नहीं आया अब तो शगुन का रो-रो के बुरा हाल हो गया था, वह भगवान से मन्नतें मांगने लगी कि कब अथर्व ठीक हो जाए पर आज भगवान भी उसका नहीं सुन रहा..! वह रोज भगवान से दुआ और प्रार्थना करती थी कि कब अथर्व ठीक हो जाए करीब एक हफ्ते बाद अथर्व को होश आया तो शगुन उसके पैर पकड़ के माफी मांगते हुए गिड़गिड़ाने लगी | अथर्व भी उससे बहुत नाराज था वह उसके तरफ नजर भी उठाकर नहीं देख रहा था, पर अब शगुन भला उसे मनाने के लिए पीछे क्यों हटेगी वह दिन रात अथर्व की सेवा करने लगी, यहां तक की अथर्व उसे नजर भी उठा कि नहीं देखता पर शगुन उससे प्यार करने लगी यह जताने के लिए उसने सारी हदें पार कर दी..! शगुन ने अपने प्यार को पाने के लिए बहुत परीक्षा दिए तब जाकर अथर्व को उसे पर यकीन आया वैसे यकीन तो वह पहले से ही उसे पर करता था पर जो उसने से जान से करने के लिए लाइन बनाई यह कहीं न कहीं अथर्व को खटक गया पर वह शगुन को इतना प्यार करता था कि उसके बिना रह नहीं सकता | अब दोनों एक दूसरे को तन - मन - धन से चाहने लगे थे और एक दूसरे के प्रति प्यार जताने लगे, और एक साल के बाद उनके घर में एक नन्हा मुन्ना बच्चा भी आया जिसका नाम उन्होंने शौर्य अडानी रखा | प्रतियोगिता हेतु Short story Jaya sahani ✍️
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