धर्म का नाम लेकर खेला खेल, नफरत की दीवारें ऊँची और ढेर। मानवता को बाँट रहे टुकड़ों में, शांति को डुबो दिया आँसुओं के सागरों में।
1. आतंकवाद 19 | 15 | 17 | 5 | | 31-08-2025 |
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