वो चिट्ठी जो भेजी न गई

कभी हँसी की लकीरें खींची थीं उसमें, कभी आंसुओं की बूँदें गिर पड़ीं। कभी अरमानों ने सजाया था उसे, कभी शिकायतों ने भी जगह गढ़ी।

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: rani
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