घर से दूर जाने वाले के एहसास और पीछे छूटे अपनों की तड़प को बयां करती यह कविता, परदेस और आंगन के बीच का भावनात्मक पुल बनाती है।
1. परदेशी 18 | 16 | 17 | 5 | | 13-08-2025 |
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