यह कविता "कारवां" ज़िंदगी के सफ़र, बिछड़ने और मिलने की कहानियों को बयां करती है—जहां रास्ते बदलते हैं, लेकिन यादें और एहसास कारवां की तरह चलते रहते हैं।
1. कारवां 22 | 17 | 19 | 5 | | 12-08-2025 |
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