थोड़ी देर और जी लू

"एक आत्मचिंतन से भरी कविता, जो अधूरी ख्वाहिशों, टूटी यादों और जीने की अंतिम उम्मीद को भावुकता से दर्शाती है।"

15 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved
दैनिक प्रतियोगिता

लेखक : साइलेंट लफ्जो का सफर
img