आज ये दिल फिर से गुस्ताखियां कर बैठा , जो कभी दूर हो चुका था सालों पहले , आज फिर से उसे देखकर दिल हार बैठा , मन में झिझक थी , होठों पर दबी सी मुस्कान , आज ये दिल फिर से मनमानी कर बैठा
1. गुस्ताख दिल 20 | 18 | 19 | 5 | | 31-07-2025 |
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