यह कविता एक अधूरी मोहब्बत की गूंज है, जो बिछड़ कर भी दिल में बसती रहती है। यह उन अहसासों को शब्द देती है, जो अधूरे होकर भी अमर हो जाते हैं।
1. अधूरी मोहब्बत 18 | 16 | 17 | 5 | | 18-07-2025 |
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