खौफ़ की दस्तक

सर्द रात थी। हवा में एक अजीब-सी सनसनाहट थी, जैसे कोई अनदेखी शक्ति चुपके से साये में छिपकर सांस ले रही हो। गाँव के बाहर, जंगल के किनारे बनी पुरानी हवेली में केवल एक दीया टिमटिमा रहा था। वह हवेली, जिसके बारे में लोग कहते थे कि वहाँ रात को कुछ ऐसा होता है, जो इंसान के होश उड़ा देता है। लेकिन रिया को इन बातों पर यकीन नहीं था। वह एक पत्रकार थी, जो सच्चाई को खोजने के लिए किसी भी हद तक जा सकती थी। उसने सुना था कि इस हवेली में रात को "खौफ़ की दस्तक" सुनाई देती है—एक ऐसी आवाज, जो सुनने वालों को पागल कर देती थी। उसने ठान लिया था कि वह इस रहस्य को सुलझाएगी। लेकिन उसे नहीं पता था कि इस बार सच्चाई की खोज उसे ऐसी जगह ले जाएगी, जहाँ से वापसी असंभव थी।

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: खुद की एक तलाश
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