विराम नहीं संकल्प है तू रुक मत, थक मत, तेरी मंजिल कहीं और है, तू हार मत मान तेरा विराम कहीं और है
1. "विराम नहीं, संकल्प है तू" 23 | 19 | 23 | 5 | | 14-07-2025 |
© Copyright 2023 All Rights Reserved