हर शहर में कुछ कहानियां दबी रह जाती हैं। कुछ गुनाह, कुछ चीखें, कुछ आंसू… और कुछ इंसाफ, जो कभी हो नहीं पाता। देहरादून की चमचमाती सड़कों के पीछे भी एक ऐसी ही खामोशी छुपी है, जो पांच साल से हर रात, धीरे-धीरे इंसाफ के नाम पर खून में बदल रही है। Eyes in the Dark सिर्फ एक कहानी नहीं, यह उस संघर्ष की थ्योरी है, जहां कानून और इंसाफ अलग-अलग रास्तों पर चल रहे हैं। जब कानून हार मानता है, तब इंसाफ का एक साया अंधेरे में जागता है। एक सीरियल किलर, जो हर उस इंसान को मिटा रहा है, जिसने किसी लड़की की जिंदगी उजाड़ दी, जिसने अपने पाप के दम पर कानून की कमजोरी को हरा दिया। दूसरी तरफ Detective Dharmesh और ACP Ayush हैं, जो जानते हैं कि किसी के हाथ में इंसाफ का खेल आ जाना, समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है। वो जानते हैं कि अगर इस कातिल को नहीं रोका गया, तो कल इंसाफ के नाम पर और भी खून बहेगा। सच्चाई क्या है?? जानने के लिए पढ़ते रहिए — Eyes in the dark... सिर्फ और सिर्फ lafzokikahani पर।
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