मिलन की आस

"मिलन की आस" एक दिल को छू लेने वाली कविता है, जो प्रेम और प्रतीक्षा की गहराई को बयां करती है। यह कविता उन अहसासों को शब्द देती है, जब कोई अपना दूर होता है, लेकिन दिल अब भी उसी के लौटने की उम्मीद में धड़कता है। हर पंक्ति में बसी तड़प, यादों की खुशबू और मिलने की चाह इस कविता को बेहद भावुक और आत्मीय बना देती है।

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: विजय सांगा
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