रुदन (स्वैच्छिक)

"आखिर एक बेटे ने अपनी मां को , अपनी जिंदगी बचाने के लिए कसूरवार क्यों ठहरा दिया।" 'रुदन'.... हकीकत से सामना करवाती,एक ह्रदय स्पर्शी रचना ।✍️

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दैनिक प्रतियोगिता

: Sukoon Bazzad ✍️
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