अब ना कोई सपना, ना कोई चाह है, श्याम की भक्ति ही मेरी राह है। मीरा की तरह उसे ही दिल में बसाया है, "मेरी कल्पना" को श्याम ने सच्चा बनाया है।
1. मेरी कल्पनाएं 22 | 16 | 21 | 5 | | 16-06-2025 |
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