एक सफ़र जज़्बातों का एक स्त्री के अंतर्मन की यात्रा...
1. परिचय 26 | 15 | 15 | 5 | | 16-06-2025 |
2. जो मैं हूँ, वो दिखता क्यों नहीं? 24 | 16 | 16 | 5 | | 16-06-2025 |
3. मैं कभी लड़की थी 22 | 14 | 14 | 5 | | 16-06-2025 |
4. मैं थक गई हूँ… 20 | 15 | 15 | 5 | | 16-06-2025 |
5. जब मैं मुस्कराई थी… 21 | 14 | 13 | 5 | | 16-06-2025 |
6. माँ बनना सबकुछ है… पर खुद क्या? 15 | 12 | 11 | 5 | | 17-06-2025 |
7. मैं भी इंसान हूँ, आदर्श नहीं… 16 | 13 | 12 | 5 | | 17-06-2025 |
8. ख़ुद से मिलना बाकी है… 15 | 12 | 11 | 5 | | 17-06-2025 |
9. आईना आज भी सवाल करता है… 15 | 12 | 11 | 5 | | 17-06-2025 |
10. बचपन लौट आओ… 15 | 12 | 12 | 5 | | 17-06-2025 |
11. चुप्पियों की भी आवाज़ होती है… 15 | 12 | 12 | 5 | | 18-06-2025 |
12. अब किसी की नहीं सुनती… 15 | 13 | 12 | 5 | | 18-06-2025 |
13. मैं अब खुद को खोने नहीं दूँगी… 16 | 13 | 13 | 5 | | 18-06-2025 |
14. कुछ अधूरे ख़्वाब अब भी सांस लेते ह 16 | 13 | 13 | 5 | | 18-06-2025 |
15. मुझे फिर एक बार जीना है… 16 | 13 | 14 | 5 | | 18-06-2025 |
16. थक गई हूँ, पर टूटी नहीं हूँ… 13 | 11 | 10 | 5 | | 19-06-2025 |
17. अब मैं खुद से बात करती हूँ… 13 | 11 | 10 | 5 | | 19-06-2025 |
18. माफ़ी खुद को भी ज़रूरी है… 13 | 11 | 10 | 5 | | 19-06-2025 |
19. मैं बुरी नहीं हूँ, बस थकी हुई हूँ… 13 | 10 | 10 | 5 | | 19-06-2025 |
20. अब कोई मुखौटा नहीं पहनती… 13 | 11 | 11 | 5 | | 19-06-2025 |
21. जैसी हूँ, ठीक हूँ… 12 | 10 | 10 | 5 | | 20-06-2025 |
22. ज़ख्मों से खिली हूँ… 12 | 9 | 9 | 5 | | 20-06-2025 |
23. खुद से गले लगना सीख रही हूँ… 12 | 10 | 9 | 5 | | 20-06-2025 |
24. अब आवाज़ मेरी होगी… 12 | 10 | 9 | 5 | | 20-06-2025 |
25. अब मैं अपने लिए जिऊँगी… 12 | 10 | 10 | 5 | | 20-06-2025 |
26. मैं थी, मैं हूँ, और मैं रहूँगी… 12 | 9 | 9 | 5 | | 20-06-2025 |
27. अंतिम संदेश 15 | 10 | 10 | 5 | | 20-06-2025 |
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