अर्धनारी (ट्रेलर) कहते हैं इस धरती पर सभी को समान अधिकार मिला है लेकिन यह बात केवल दो पर हावी है पहला पुरूष दूसरा स्त्री.. लेकिन वहीं हमारे ही समाज में पली-बड़ी हम जैसी ही एक को हम हमेशा से भूलते आएं हैं। जी हाँ बिल्कुल सही समझ रहे हैं आप मैं उसी थर्ड जेंडर की बात कर रही हूं जिसे केवल विलास की नजरों से देखा जाता है। भले ही उनके लिए कानून बन गया हो या फिर सरकारी कागजों पर उनके लिए एक अॉपशन डाल दिया गया हो लेकिन आज भी हमारी सोच वहीं तक सीमित है आज भी हम उन्हें मजाक और मनोरंजन का पात्र ही मानते हैं जो केवल शादियों में नाचने और बच्चों के पैदा होने पर दुआ देने के काम में आती है। क्या उन्हें हमारी तरह जीने का अधिकार नहीं है? क्या वह हमारी तरह नहीं है? शायद नहीं.. क्योंकि वो हम से कहीं ऊपर हैं इतना कि हम चाहकर भी कभी उनकी बराबरी कर ही नहीं सकते इसलिए शिव ने उन्हें अपना रूप दिया है अर्धनारीश्वर का रूप जो पुजनिय है, बिल्कुल ईश्वर की तरह... संसार में जब कोई जन्म लेता है तो उसमें या तो स्त्री का गुण होता या फिर पुरूष का लेकिन अर्धनारी में दोनों का। पढ़े एक ऐसी ही अर्धनारी की कहानी जो आपको अंदर से झकझोरकर रख देगी। पढ़े एक ऐसी कहानी जिसका साथ उसका परिवार तो देता है लेकिन समाज उसे कभी नहीं स्वीकार करता है। किस तरह दुःखों को झेलकर वह अपना अस्तित्व बनाती है, किस तरह वह अपने हक का सम्मान पाती है जानने के लिए जरूर पढ़े अर्धनारी । उम्मदी है आपको जरूर पंसद आएगी और अपना प्यार और साथ जरूर देंगे। ऑथर - "स्वाति कुमारी"
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