सौतेली - एक माँ ऐसी भी

रिश्ते खून से नहीं, आत्मा की गहराई से बनते हैं — और माँ वही होती है जो ममता से जीती है, नाम से नहीं।

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कविता

: तृप्ति सिंह
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