दिल झकझोर कर रख देती हैं , जब ये समाज मुझे सौतेली मां कहती है , माना कि जन्म नहीं दिया मैने तुझे , पर लाड़ अपने बच्चे की तरह लगाया है , मुझे आज भी याद है वो दिन , जब दुल्हन के लिबास में दरवाजे पर खड़ी मैं , तुम्हारा मासूम सा चेहरा नजर आया ,
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