यह कहानी है एक ऐसे जोड़े की, जिन्होंने जीवन के हर संघर्ष को मुस्कान से सहा, बच्चों को पाल-पोस कर काबिल बनाया, पर जब बुढ़ापे का सहारा चाहिए था, तो वे खामोशी से अकेले रह गए। इस कहानी को पढ़ते हुए आप उनकी पीड़ा, उनकी तड़प, और उनकी हर सुबह की उम्मीद को महसूस करेंगे... और शायद आपकी आँखें भी नम हो जाएँ।
© Copyright 2023 All Rights Reserved