औरतें सजी, हँसी से हारी, ओढ़नी रंग-बिरंगी सारी। ठिठोली करतीं, भाव बतातीं, चूड़ियाँ खनकतीं, सौदे कर आतीं।
1. गाव का बाजार 21 | 18 | 20 | 5 | | 06-06-2025 |
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