चमकते थे जो सितारे कभी, अब धुंध में छुपे हैं सारे। कल जिनके संग थे सपने बुने, आज वही लगे पराए।
1. बिखारते अरमान 25 | 16 | 22 | 5 | | 04-06-2025 |
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