बालिका बधू

बचपन, मुस्कुराहटों की सरसराहट होता है, खेलों की मिठास और सपनों की पहली उड़ान होता है। लेकिन क्या हो जब इन मासूम सपनों को परंपराओं की बेड़ियों में कैद कर दिया जाए? एक नहीं सी जान को रिश्तों ने उलझा दिया जाए तब जब उसे रिश्तों में मायने ही न पता हो....

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दैनिक प्रतियोगिता

लेखक : Sweety
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