जब आधुनिक सोच ने आत्माओं के अस्तित्व को नकार दिया, तब एक निर्भीक पत्रकार ने सच की खोज में वो दरवाज़ा खोला, जहाँ न्याय अधूरी कब्रों में कैद था। “अधूरी आत्मा” सिर्फ एक भूतिया कहानी नहीं, बल्कि उस सच की चीख है जिसे समाज ने इज़्ज़त के नाम पर दफ़न कर दिया था।
© Copyright 2023 All Rights Reserved