मन भर गया

यह कहानी आरव और श्रेया की है—एक ऐसा रिश्ता जो प्यार से शुरू हुआ, साथ बिताए वर्षों में गहरा हुआ, लेकिन वक्त के साथ फीका पड़ गया। श्रेया, जो कभी आरव की दुनिया थी, धीरे-धीरे उससे दूर होती चली गई और एक दिन कह दिया—"मन भर गया है।" इस एक वाक्य ने आरव की दुनिया बदल दी। वो टूटा, अकेला हुआ, पर रिश्तों की सच्चाई को समझा। यह कहानी टूटे हुए रिश्तों, भावनात्मक खालीपन और आत्मस्वीकार की एक मार्मिक झलक है।

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प्रेरक

: Wishcard Sangeeta
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