पंछी गाते सुबह-सवेरे, कोयल कुहके आम के डेरे। बारिश की बूँदें करें पुकार, "संभालो हमें, हम हैं उपहार।"
1. प्रकृति का उपहार 15 | 10 | 14 | 4 | | 23-05-2025 |
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