कब तक यूँ दबेगा मेरा स्वर? कब तक सहूंगा ये बेक़दर? नफरत के बीज न बोओ यूँ, मुझमें भी तो है प्रेम भरपूर।
1. मुझे भी जीने दो 25 | 15 | 24 | 5 | | 22-05-2025 |
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