दुल्हन

इस कविता "दुल्हन" में एक नववधू की खूबसूरती, मासूमियत और उसकी भावनात्मक गहराई को बेहद संवेदनशीलता से दर्शाया गया है। हर पंक्ति में उसकी सजधज, अदाओं और उसकी मौजूदगी को एक देवी समान सम्मान दिया गया है। यह कविता दुल्हन के रूप में स्त्री की गरिमा, सौंदर्य और प्रेम की शक्ति का एक भावपूर्ण चित्रण है।

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: विजय सांगा
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