हर खुशी तुमसे है

यह कविता "हर खुशी तुमसे है" एक प्रेमपूर्ण भावना को व्यक्त करती है, जहाँ कवि अपने प्रिय के बिना जीवन को अधूरा मानता है। उसकी हर खुशी, हर सुकून, और हर सपने का केंद्र केवल उसका प्रिय है। प्रेम को वह इस हद तक महसूस करता है कि प्रिय के बिना हर चीज बेरंग और बेजान लगती है, जबकि उसके साथ हर पल स्वर्ग सा हो जाता है। यह कविता सच्चे, गहरे और समर्पित प्रेम का सुंदर चित्रण है।

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