यह कविता “बचपन के दोस्त” के उस निश्छल और सच्चे रिश्ते को समर्पित है, जो ज़िंदगी के सबसे मासूम और बेफिक्र दौर में बनते हैं। इसमें उन प्यारे पलों की झलक है जब दोस्ती में न कोई स्वार्थ होता था, न दिखावा बस साथ होता था। ये कविता बचपन की यादों को सजीव करती है और उन दोस्तों की अहमियत को दिल से महसूस कराती है, जो आज भले दूर हों, पर हमेशा दिल के पास रहते हैं।
© Copyright 2023 All Rights Reserved