बचपन के दोस्त

यह कविता बचपन के दोस्तों और उनके साथ बिताए मासूम, खुशियों भरे पलों को याद करती है। इसमें बताया गया है कि कैसे बिना किसी चिंता के, मिट्टी में खेलना, स्कूल जाना, टिफ़िन बाँटना और छोटी-छोटी चीज़ों में खुशियाँ ढूँढना, बचपन की दोस्ती को खास बनाता था। समय के साथ ये दोस्त दूर हो गए, लेकिन उनकी यादें दिल में हमेशा जीवित रहती हैं। कविता एक भावुक अहसास जगाती है कि काश वो बचपन फिर लौट आए।

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